रांची
अबुआ बजट को लेकर आयोजित बजट-पूर्व गोष्ठी में प्राप्त सुझावों में से अंतिम रूप से 30 लोगों के सुझावों का चयन किया गया है। इन चयनित सुझावों में हिमांशु कुमार द्वारा दिए गए प्रस्ताव भी शामिल हैं। इसी क्रम में हिमांशु कुमार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया।
हिमांशु कुमार ने आगामी बजट को लेकर सुझाव देते हुए कहा कि नए निर्माण कार्यों को न्यूनतम रखते हुए पहले से निर्मित भवनों के उपयोग पर विशेष जोर दिया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि राज्य के कई डिग्री कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज और आईटीआई भवन वर्षों से बनकर तैयार हैं, लेकिन वहां शैक्षणिक गतिविधियां शुरू नहीं हो पाई हैं। अनगड़ा और लातेहार में डिग्री कॉलेज, वहीं खूंंटी, हजारीबाग, जामताड़ा, गोड्डा, पलामू, चतरा, बगोदर, लोहरदगा और बंसिया में पॉलिटेक्निक भवन तैयार होने के बावजूद उपयोग में नहीं हैं। इसी तरह सोनाहातू और बोकारो के कसमार में आईटीआई भवन लंबे समय से निष्क्रिय हैं।

उन्होंने सुझाव दिया कि सिल्ली के राढ़ू जलाशय योजना और गांडेय में सिंचाई के लिए पाइपलाइन योजना को आगामी बजट में शामिल किया जाए। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण को लेकर बजट में विशेष प्रावधान किए जाएं। उन्होंने सभी प्रमुख स्थानों पर AQI डिस्प्ले बोर्ड लगाने, पर्यावरण विभाग में ऑटोमेशन बढ़ाने और भ्रष्टाचार नियंत्रण पर जोर देने की बात कही।
पर्यटन क्षेत्र पर जोर देते हुए हिमांशु कुमार ने कहा कि राज्य के पर्यटन स्थलों में पीपीपी मॉडल के तहत निवेशकों को आकर्षित किया जाए। साथ ही राज्य में बने स्टेडियमों और खेल संरचनाओं का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उदाहरण के तौर पर उन्होंने सिल्ली में बने सिंथेटिक फुटबॉल स्टेडियम और कला केंद्र के सीमित उपयोग का उल्लेख किया।.
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उन्होंने डीएमएफटी मद से पीसीसी पथ निर्माण को न्यूनतम करने, कमर्शियल टैक्स विभाग में ऑटोमेशन बढ़ाने और मानव नियंत्रण प्रणाली को ऑटोमेटेड सिस्टम में बदलने का सुझाव दिया। इसके अलावा नए स्वास्थ्य केंद्र बनाने के बजाय पहले से निर्मित स्वास्थ्य केंद्रों और उप स्वास्थ्य केंद्रों को पूरी तरह कार्यशील बनाने पर जोर दिया।
पर्यटन विकास के तहत उन्होंने जोन्हा और हुंडरू वॉटरफॉल में ग्लास ब्रिज निर्माण का प्रस्ताव रखा, ताकि राजधानी के नजदीक स्थित इन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या बढ़ाई जा सके। साथ ही अन्य पर्यटन स्थलों पर पीपीपी मोड में होटल और रिसॉर्ट विकसित कर राज्य के राजस्व में वृद्धि की संभावना जताई। अब देखना होगा कि अबुआ बजट में इन चयनित सुझावों को किस स्तर तक शामिल किया जाता है और सरकार इन प्रस्तावों पर क्या निर्णय लेती है।
